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আপোনাৰ অনুভৱেৰে মাতৃলৈ চেনেহৰ উপহাৰ

মাতৃ অবিহনে এই পৃথিৱীত কোনো ব্যক্তিৰ যাত্ৰা সম্পূৰ্ণ হ’ব নোৱাৰে। ...

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অন্তিম তাৰিখ-May 20,2019 16:55 PM IST (GMT +5.30 Hrs)

মাতৃ অবিহনে এই পৃথিৱীত কোনো ব্যক্তিৰ যাত্ৰা সম্পূৰ্ণ হ’ব নোৱাৰে। মাতৃৰ কোলাতে আৰম্ভ হয় জীৱনৰ আদি পাঠশালা। অনেক প্ৰত্যাহ্বান নেওচি জীৱনযাত্ৰাত আগুৱাই যোৱাৰ প্ৰেৰণা যোগায় মাতৃয়ে। সেয়েহে মাতৃস্নেহৰ স্বীকৃতিস্বৰূপে প্ৰতি বছৰে মে’ মাহৰ দ্বিতীয় দেওবাৰটো “আন্তৰ্জাতিক মাতৃ দিৱস” হিচাবে পালন কৰা হয়।
অহা ১২ মে’ মাতৃ দিৱস উপলক্ষে মাতৃৰ স’তে থকা আপোনাৰ স্মৰণীয় মুহূৰ্তবোৰ জনতাৰ চৰকাৰ MyGov Assam ৰ জৰিয়তে শ্বেয়াৰ কৰক।
আপোনাৰ মাতৃলৈ মৰমৰ কৃতজ্ঞতাৰে তেওঁৰ বাবে লিখা এটি গীত, ভিডিঅ’, সৰল মুহুৰ্ত (Candid Moments)-ৰ ফটো , কবিতা অথবা যিকোনো লেখা জনতাৰ চৰকাৰ MyGov Assam লৈ প্ৰেৰণ কৰক।

শ্ৰেষ্ঠ হিচাবে নিৰ্বাচিত সমল জনতাৰ চৰকাৰ MyGov Assam ৰ ছ’চিয়েল মিডিয়া প্লেটফৰ্মসমূহত ব্যৱহাৰ কৰা হ’ব।

অন্তিম তাৰিখ – ২০ মে’, ২০১৯

(লেখা অথবা সমল মৌলিক হোৱাটো বাধ্যতামূলক)

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DR JUBILEE PURKAYASTHA 1 day 13 হিচাপ পূৰ্বে

Maa, My Maa,
Saw you the moment I opened my Eyes,
You bestowed your blessings for me to move on, Everydays.

Childhood passed under your arms,
Protecting me from any harms.

I grew up old to face the world’s reality,
But for you I remained a child with all the Simplicity.

You care me as your only World, filling my life with positivity,
Thus, I overcome others cruelty and negativity.

Your touch heals all the pains of betrayal,
Giving me energy to move on being loyal.

BHAVYA AMBIG 1 day 20 হিচাপ পূৰ্বে

MOTHERS LOVE IS GREATER THAN ALL OTHERS LOVE IN THE WIDE UNIVERSE..........................I DONT KNOW HOW TO EXPLAIN HER KINDNESS,POLITNESS, HAPPINESS........ SHE IS THE BEST GIFT I HAD RECIEVED FROM THE GOD.....................IN MY NEXT BIRTH I WANT TO GIVE ALL HAPPINESS TO MY MOTHER AS SHE GIVEN TO ME ............LOVE U MAAA...............

BHAVYA AMBIG 1 day 20 হিচাপ পূৰ্বে

When God created the earth and filled it with life.He bestowed a number of gift and food to satisfy their hunger. God gave "mother" the body of the child is formed inside the mother from her own flesh and blood.She gives birth to the child and nourishes,protects and brings up the infant.Her milk satisfies hunger and thirst and her lap provides the best care and shelter.
If is said that since " God could not be every where. So he created the mother".

Pradeep Devisharan Bhatt 1 day 23 হিচাপ পূৰ্বে

--मेरी माँ -
मत पूछो वो कैसी है
बिलकुल सोने जैसी है
बाईस तेईस नही वो तो
चौबिस कैरट जैसी है

शिशु जीवन में रोल अजब है
माँ का प्यार दुलार गज़ब है
गिली चादर खुद ले लेती
नर्म बिछौना शिशु को देती है

सुबह सवेरे उठती है
झाडू पोंछा करती है
फिर करके स्नान ईश की
पूजा अर्चन करती है

इसकी उसकी सुनती है
फिर भी हंसती रहती है
जिसकी जैसी फरमाइश फिर
खवाब किचन मैं बुनती है
मत पूछो....
थकन ना चेहरे पर लाती है
सबका अपनापन पाती है
काम से जब फुर्सत मिलाती तो
मेघ मल्हार वो गाती है

SANJEEV KUMAR 2 হিচাপ 30 মিনিট পূৰ্বে

Kaise mai kahun, mai kaise shabdon ko bayan karun
maa k naam apne saare lafzon ka jahaan karun

Tera pyara jag se nyara, teri aankho ka mai tara.
Sath mei khadi rahi tu jb bhi zindagi se hara..
Tune zindagi bhi di tune jeena bhi seekhaya,
Zindagi ke kche raasto pe chlke bhi dikhaya
Kitne taane, kitne tanz sehti rahi umr bhar
mera hath thaam fir bhi kha beta aage badh.

Maa tu nahi to kuch bhi nahi

I love you ❤

SANJEEV KUMAR 2 হিচাপ 38 মিনিট পূৰ্বে

माँ एक शब्द नहीं सम्पूर्ण दुनिया समाया इसमें

क्या कहूँ सब कुछ हूँ मैं माँ के लिए, उनकी सब इच्छाएँ मुझ से है , मुझ से ही हर सपना जुड़ा है ! मै हंस दूँ तो हंस देती मै रो दू तो रो देती !

मेरी हर कामयाबी पर तालियां बजती है और हर हार पे भी मेरे साथ है
कहती "ये अंत नहीं शुरुआत है उजाले की ! गलतियां सिखाती है सबक जीने का , इन अंधेरों से मत घबराना,अंधेरों के पार उजाला है"

माँ एक शब्द नहीं सम्पूर्ण दुनिया समाया इसमें

SANJEEV KUMAR 2 হিচাপ 40 মিনিট পূৰ্বে

मेर लाइफ क सबसे यादगार पल माँ के साथ
जब म अपने खेत म   ठक से काम नहं कर पाता था तो मेरे !पता जी मझे बह ु ु
त डांटते थे,
कहते थे घर से बाहर )नकल जाओ ’शायद मेरे अ-छे के /लए कहते हो, घर क आ2थ3क
ि5थ)त भी 7बगड़ रह थी। बात उस समय क है जब मेरे सबसे छोटे भाई का ज=म हु
आ ।
उस समय हम भोपाल म थे - भरत नगर म। म अपनी 10 वीं कBा क तैयार कर रहा था - 
Cाइवेट और एक चौक दार के Gप म भी काम कर रहा था। मेर चौक दार म Hदन क Iयट ू
चल रह थी, और उस रात म घर पर था। रात के समय तक़रबन 2 और 3 बजे के बीच